diff --git a/src/content/pages/hi/index.md b/src/content/pages/hi/index.md new file mode 100644 index 0000000..b3f04d2 --- /dev/null +++ b/src/content/pages/hi/index.md @@ -0,0 +1,97 @@ +--- +title: एंड्रॉइड को एक खुला प्लेटफार्म रखें +lang: hi +description: एंड्रॉइड को एक स्वतंत्र, खुले प्लेटफ़ॉर्म के रूप में बनाए रखने का प्रयास, जहाँ सभी ऐप बना सकें। + +# Footer text for localization +contact_header: संपर्क +contact_email: ईमेल +site_problems_header: समस्याएँ +site_report_issues: साइट की समस्या रिपोर्ट करें +site_disclaimer: "**अस्वीकरण:** यह वेबसाइट एक सामुदायिक, गैर-व्यावसायिक प्रयास है। यह केवल सूचनात्मक और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए संचालित है।" +site_privacy: "**गोपनीयता:** यह साइट कोई कुकी उपयोग नहीं करती और न ही किसी उपयोगकर्ता को ट्रैक या लॉग करती है।" +site_copyright: "**कॉपीराइट:** कोई नहीं। यह कार्य चिह्नित है" +open_letter_cta: एंड्रॉइड डेवलपर सत्यापन कार्यक्रम के विरोध में हमारा खुला पत्र पढ़ें +open_letter_header: खुला पत्र +open_letter_description: एंड्रॉइड को एक स्वतंत्र, खुले प्लेटफ़ॉर्म के रूप में बनाए रखने के लिए एक खुला पत्र। +--- + +अगस्त 2025 में, Google ने [घोषणा की](https://developer.android.com/developer-verification) कि सितंबर 2026 से, +बिना पहले Google के साथ केंद्रीय रूप से पंजीकरण किए +Android प्लेटफ़ॉर्म के लिए ऐप विकसित करना संभव नहीं होगा। +इस पंजीकरण में शामिल होगा: + +- Google को शुल्क का भुगतान करना +{:.li-list .li-money} +- Google की नियम और शर्तों से सहमत होना +{:.li-list .li-terms} +- **सरकारी पहचान पत्र प्रदान करना (सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण एवं चिंताजनक)** +{:.li-list .li-id} +- डेवलपर की निजी साइनिंग कुंजी का प्रमाण अपलोड करना +{:.li-list .li-signing} +- सभी वर्तमान और भविष्य के एप्लिकेशन पहचानकर्ताओं की सूची देना +{:.li-list .li-appids} + +# लेकिन इससे आपके अधिकारों पर क्या असर पड़ेगा + +बहुत असर पड़ेगा, ज़रा इन तीन बिंदुओं को एक बार पढ़ने के बाद गौर कीजिये + +➤ आप, एक उपभोक्ता के रूप में, अपना Android डिवाइस इस विश्वास के साथ खरीदा था कि यह एक खुला कंप्यूटिंग प्लेटफ़ॉर्म है और आप अपनी पसंद का कोई भी सॉफ़्टवेयर चला सकते हैं। लेकिन सितंबर 2026 से, Google बिना आपकी सहमति के आपके ऑपरेटिंग सिस्टम में एक अपडेट थोपेंगे जो इस अधिकार को हमेशा के लिए छीन लेगा और आपको उनकी दया पर छोड़ देगा कि वे तय करें आप किस सॉफ़्टवेयर पर भरोसा कर सकते हैं। + +**उदाहरण के तौर पर :-** मान लीजिये आपका फ़ोन पुराना हो गया है और Play Store पर नया ऐप नहीं आता — पहले आप WhatsApp पर आए link से APK डाउनलोड करके काम चला लेते थे। सितंबर 2026 के बाद यह रास्ता भी हमेशा के लिए बंद हो जाएगा। कुल मिलाकर आपको नया फ़ोन लेना पड़ेगा। Google का ये कदम Enthusiasts या फिर वे लोग जिन्हे ओपन सोर्स ऐप्प्स इस्तेमाल करना पसंद है से लेकर आम उपभोक्ता पर असर डालता है। + +➤ आप, एक creator के रूप में, अब बिना पहले Google की अनुमति लिए अपना ऐप बनाकर सीधे अपने दोस्तों, परिवार और समुदाय के साथ share नहीं कर सकते। Android अपने आप को iPhone के मुकाबले खुद को अलग दिखाने के लिए अपनी marketing नीति को हमेशा से इसी प्रकार से पेश किया है कि यह "यह फ़ोन आपका है आप फ़ोन के नहीं" रहा है। लेकिन Google को अब साफ़ लग रहा है कि Android ecosystem पर उनकी पकड़ इतनी मज़बूत हो गई है कि वे बिना किसी डर या जवाबदेही के इस सिद्धांत को बेझिझक छोड़ सकते हैं। + +**उदहारण स्वरुप :-** आप एक स्वतंत्र डेवलपर हैं या फिर एक कॉलेज के छात्र हैं जो कि एक ऐप्प अपने फाइनल सेमेस्टर के प्रोजेक्ट के लिए एक To-Do ऐप्प बनाना चाह रहा है, अब उसे अपना Govt. Approved ID (जैसे की आधार, पैन कार्ड आदि ) का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। देखिये बात साफ़ है आप सिर्फ एक छोटे से ऐप्प बनाने के लिए अपनी निजी जानकारी को एक निजी कंपनी के हाथों नहीं सौंपना चाहोगे, चाहे उनके विचार आपसे मेल खाये या न खाये। Google का ये कदम creators को एक जोरदार तमाचा है। + +>एक तो भारत में पहले से ही Open Source को लेकर जागरूकता की कमी है, ऊपर से Google का यह कदम उन तमाम छोटे developers को भी निराश करेगा जो बिना किसी व्यावसायिक लक्ष्य के सिर्फ़ अपने समुदाय के लिए ऐप बनाते हैं। यह सिर्फ़ एक policy नहीं, बल्कि भारत में open computing की संस्कृति पर सीधा हमला है। + +➤ सरकार और नीति-निर्माताओं के लिए, यह एक गंभीर चेतावनी है, आप अनजाने में अपने नागरिकों के अधिकार और देश की डिजिटल संप्रभुता एक ऐसी विदेशी कंपनी को सौंप रहे हैं जिसका इतिहास रहा है कि उसने सरकारी दबाव में आकर बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के वैध ऐप्स हटाए हैं। आपके व्यवसायों और सरकारी तंत्र को चलाने वाला सॉफ़्टवेयर एक दूर बैठी, अपारदर्शी और किसी के प्रति जवाबदेह न होने वाली कंपनी की मनमर्जी पर निर्भर हो जाएगा। + +**उदाहरण के तौर पर :-** सितंबर 2021 में Google ने रूसी सरकार की धमकी के बाद एक विपक्षी voting app हटा दिया जो नागरिकों को चुनाव में रणनीतिक मतदान में मदद करता था। इसी तरह 2025 में अमेरिकी सरकार के दबाव में Google और Apple ने ICEBlock नाम का एक ऐप हटा दिया। यह फैसला किसी अदालत का नहीं था, सिर्फ एक कंपनी का, एक सरकार के कहने पर। कल यही आपके देश के किसी ऐप के साथ हो सकता है। + +